नवजात शिशु की देखभाल कैसे करे I प्रसव के तुरंत बाद नवजात शिशु के देखभाल सम्बंधित कुछ सावधानियां I

शुरुवाती दिनों में बच्चे की देखभाल कैसे करे? क्या करे ?और क्या न करे ?  यह सभी नयी माँ की परेशानियां होती  है I जब घर में कोई बच्चा जन्म लेता है, तो पूरा घर खुश हो जाता है बच्चा आने के ख़ुशी के साथ साथ ही माता – पिता की जिम्मेदारियां भी बढ़ जाती है I अभी तक अपने ही दुनिया मई मग्न रहने वाली लड़की अब माँ बन चुकी है I यह जो पुरे ९ महीने का समय बच्चा कोक में था तब से उस लड़की का माँ बनाने का सफ़र शुरु हो गया था I उधर पिता भी उसके आने वाले बच्चे को किसी चीज  की कमी न हो यह सोचकर  दोस्तों संग पार्टियों में जाना छोड़ ज्यादा मेहनत करने लग जाता है I यह इतना सुखद अनुभव है की सब गिले शिकवे छोड़ सारे घर में ख़ुशी फ़ैल जाती है I

शुरुवाती ३ दिनों में शिशु की देखभाल कैसे करे I    

जब बच्चे का जन्म होता है तब हर माँ सोचती है की वो अपने लाडले शिशु का ध्यान अछेसे रख पायेगी या नही? घबराने की बिलकुल भी जरुरत नही है I समय के साथ साथ सब कुछ ठिक हो जाता है केवल कुछ चीजो का ध्यान रखने की आपको जरुरत है I

 

  • नवजात शिशु के नाभि की देखभालI

जब बह्च्चा जन्म लेता है तो गर्भनाल ( अम्बिलिकल कॉर्ड) जो प्रेगनेंसी के दौरान बच्चे और माँ के बिच का महत्वपूर्ण जरिया होता है, जिससे बच्चे को सारा पोषण मिल रहा होता है I अब जब बच्चा बहार आ जाता है तो यह गर्भनाल (अम्बिलिकल कॉर्ड ) दोक्टोरो द्वारा काट दिया  जाता है I

कुछ लोग उस कटी हुई गर्भनाल (अम्बिलिकल कॉर्ड ) जो बच्चे के नाभि में होती है उसमें तेल या घी डालते है I

उससे होता ये है की बच्चे की गर्भनाल जो ३-४ दिनों में सुख कर गिर जनि चाहिए थी वो अब १०-१५ दिनों तक वैसे हही रहती है I डॉक्टर्स हमेशा यही सुझाव देते है की नाभि में कभीभी तेल या घी न डाले I ऐसा करने से न सिर्फ गर्भनाल देर से गिरती है , पर नवजात शिशु के नाभि में इन्फेक्शन होने का खतरा भी रहता है I तो इस चीज पर  अवश्य ध्यान दे की आपके नवजात शिशु के नाभि में भूलकर भी तेल या घी न डाले I बच्चे के जन्म के ३-४ दिन में गर्भनाल अपने आप ही गिर जएगी I

  • नवजात शिशु को दूध कैसे और कब पिलाये I

जब नवजात शिशु का जन्म होता है तब बच्चे को आधे घंटे के अंदर माँ का दूध पिलाना अनिवार्य  होता है I पर लोग अक्सर बोलते है की माँ का शुरुवाती का जो दूध होता है १-२ बूंद जो भी है वो बच्चे को नही पिलाना चाहिए, पर ये बिलकुल गलत है I माँ का शुरुवाती का दूध जो होता है जिसे चिक भी कहा जाता है बच्चे के लिए  वरदान से कम नही है I इस दूध में  कई ऐसे घटक पाए जाते है जिससे बच्चे की इम्यून सिस्टम स्ट्रोंग होती है I बच्चा जो बहार की दुनिया में नया नया आया है उसे ऐसे कई इन्फेक्शन से लड़ने में मदत करता है I

  • नवजात शिशु की पहली पॉटी और सुसु को कितना समय लगता हैI

बच्चे के जन्म के २४ घंटे के अन्दर बच्चे ने पॉटी करना बहोत जरुरी है I शुरुवाती के दिनों में बच्चे के पोट्टी का कलर कला या हारा होता ही I इसमें घबराने की कोई बात नही है , बच्चे का पेट साफ होने तक २-३ दिन तक ऐसे ही पॉटी रहती है बाद में बच्चा नार्मल पॉटी करने लगता है I

बच्चा २ दिन बाद भी सु- सु करे तो कोई  बात नही , क्योकि बच्चे की किडनी इम्मतुरे होती है बच्चे को सु –सु करने में ४८ घंटे लग सकते हैI यह बिलकुल नार्मल है I

  • बच्चे को माँ का दूध पिलाना क्यों अनिवार्य है I

बच्चे को माँ का दूध ही पिलाना है I अगर माँ और बछा दोनों स्वस्थ है और माँ को अच्चेसे दूध आ रहा है , तो माँ का दूध ही पिलाये I माँ के दूध में एंटीबायोटिक्स होती है जो बच्चे को बहोत सी बिमारियों से बचाता है साथ ही बच्चे और माँ का इमोतिओनल अटैचमेंट बी बढ़ता है I अगर किउश और समस्या आ रही है, जैसे की माँ को दूध नही आ रहा उस समय आप फॉरमूला मिल्क बच्चे को दे सकते है I

इस बात का अवश्य ध्यान रखे कि बच्चे का खाना पिया सारा कुछ माँ का दूध ही, तो ६ महीने तक बच्चे को पानी और १ साल तक गाय का दूध न पिलाये I पानी की आवश्यकता बचे को माँ के दूध में ही पूरी हो जाती है इसीलिए उसे अतिरिक्त पानी की अवश्यक्यता नही होती I

गाय का दूध बच्चे का पाचन तंत्र बिघाड सकता है क्योकि उसमे प्रोटीन ज्यादा होता है जो बच्चा पचा नहीं पता I साथ ही बच्चे को १ साल तक शक्कर , शहद और नमक बिलकुल भी नही देना चहिये I शहद में क्लॉस्ट्रीडियम बोतुलिनम नमक बैक्टीरिया होता है जो हमारे नवजात शिशु के पाचन तंत्र का अभी विकास नही हुआ होता है , और अगर हम उसे शहद खिलात है तो ये बैक्टीरिया इन्तेस्तिने को नुकसान पंहुचा सकता है I

नमक इसीलिए न दे क्योकि १ साल तक बच्चे कि किडनी का विकास नही हुआ होता, नमक में सोडियम होने के कारन बच्चे की किडनी को तकलीफ हो सकती है I शक्कर खाना बड़ो के लिए भी अच्छा नही होता, शक्कर के आलावा आप ६ महीने बाद जब आप बच्चे को खाना देना चालू करते है तो आप उसे शक्कर के आलावा अगर खजूर सिरप या गूढ़ देते है तो ज्यादा फायदेमंद रहेगा I

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